देहरादून : चुनावी माहौल है सभी राजनेता मंत्री पार्टियां बदलने में लगे हैं। इसी कड़ी में भाजपा से छह साल के लिए निकाले जा चुके पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और उनकी अपनी बहू अनुकृति ने कांग्रेस का हाथ थामा है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगने के बाद भाजपा से निष्कासित किया जा चुका है। हरक को विगत रविवार को भाजपा से निकाला गया था। ख़बरों के अनुसार, एक टिकट की शर्त पर हरक की कांग्रेस में एंट्री हुई है। पार्टी से या तो हरक सिंह रावत को या फिर उनकी बहू को टिकट मिल सकता है।हरक सिंह रावत ने एक बार फिर कांग्रेस में वापसी कर ली है।
बीते रविवार को भाजपा ने हरक सिंह रावत के बगावती तेवरों के चलते पार्टी से निकाल बाहर किया था। प्रदेश सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रावत को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया था। इससे पहले भाजपा की उत्तराखंड इकाई की कोर ग्रुप बैठक के दौरान हरक सिंह रावत शामिल नहीं थे। हरक सिंह रावत ने ये भी कहा कि बीजेपी ने उनके साथ धोखा किया है। हरक सिंह ने यह भी कहा कि 10 मार्च को चुनाव के नतीजे आएंगे। जिसमें भाजपा सत्ता से बाहर होगी और कांग्रेस 40 सीटों के साथ सरकार बनाएगी।
सीएम धामी ने हरक सिंह के लिए कही ये बात-वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हरक सिंह रावत परिवार के सदस्यों को टिकट देने का दबाव बना रहे थे। भाजपा में हरक आए उन्होंने विकास के मामले में जो कहा हमने किया है।

