केंद्र सरकार ईरेडा में करेगी 1500 करोड़ रूपए का निवेश,कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी

नई दिल्ली : भारत सरकार ने भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (ईरेडा) में 1500 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आज यह फैसला लिया गया। ईरेडा में निवेश के अलावा इस बैठक में कई और फैसलों को भी मंजूरी दी गई।
केंद्रीय कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईरेडा में 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा जिससे ईरेडा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 12,000 करोड़ रुपये का लोन देने में सक्षम हो जाएगी।
इस फ़ैसले से इरेडा को 3,500 से 4,000 मेगावॉट ऊर्जा क्षमता सृजित करने में मदद मिलेगी। ईरेडा में भारत सरकार के निवेश के बाद ईरेडा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक खर्च कर पाएगी। इस फ़ैसले के बाद करीब 10,200 कार्य वर्ष का सृजन हो पाएगा और बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।


केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले की वजह से भारत में हर साल करीब 74.9 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इस फैसले को जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इस फ़ैसले के अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने सफाई कर्मचारियों के लिए बने राष्ट्रीय आयोग का कार्यकाल भी तीन साल के लिए बढ़ाने का फ़ैसला लिया है। अनुराग ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी कर्मचारियों के लिए बने राष्ट्रीय आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2022 के बाद तीन साल के लिए बढ़ाया गया है। इसका मतलब है कि अब कर्मचारियों का कार्यकाल 31 मार्च 2025 तक होगा।इतना ही नहीं, केंद्रीय कैबिनेट ने लोन लेने वालों के लिए भी बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार नें लोन लेने वालों के एकाउंट में अगले 6 महीने तक चक्रवृद्धि ब्याज और सामान्य ब्याज के अंतर के बराबर मुआवजा देने के फैसले को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी संकट के दौरान केंद्र सरकार ने इसकी शुरुआत की थी।