विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देश भर की 157 यूनिवर्सिटीज को डिफॉल्टर्स की सूची में आ गए हैं। इनमें यूनिवर्सिटीज 14 राजस्थान की भी हैं। इनमें से सात यूनिवर्सिटीज सरकारी हैं। इसके लिए यूजीसी ने तय समय और नियमों के मुताबिक़, विश्वविद्यालयों में लोकपाल की नियुक्ति न होना वजह बताई है। यूजीसी के 2023 नियमों के अनुसार, छात्रों की शिकायतों की सुनवाई के लिए हर कॉलेज में लोकपाल की नियुक्ति की जरुरत थी। इसके बाद 17 जनवरी को यूजीसी की तरफ इन नियमों का पालन न करने वाले विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर सूची में शामिल कर लिया गया। अब उनकी सूची प्रकाशित हुई है। इस संबंध में इन विश्वविद्यालयों को बार-बार चेतावनी दी गई है। विश्वविद्यालयों की तरफ से कोई कार्रवाई न किए जाने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ये कदम उठाया है।
ये विश्वविद्यालय शामिल –
- बीकानेर : स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय
- कोटा : कोटा विश्वविद्यालय
- जयपुर : विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय
- जोधपुर : मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय लूनी
- जयपुर : बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय
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- जोधपुर : जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय
- बीकानेर : महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय
- बीकानेर : राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय
- उदयपुर : पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी
- जयपुर : प्रताप विश्वविद्यालय
- जोधपुर : श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय
- जोधपुर : जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय
- कोटा : जय मिनेश आदिवासी विश्वविद्यालय

