बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी चर्चाओं में बने हुए हैं। अभी एक दिन पहले अपने मंत्री डॉ. अशोक चौधरी के सिर पर श्रद्धांजलि सभा का फूल डालने के लिए काफी गरमा गरम चर्चा का विषय बने रहे। इसके पहले उन्होंने डॉ. चौधरी का सिर एक पत्रकार से टकरा दिया था। उसके पहले नीतीश ने एक बार धरती के खत्म होने की बात कही थी।
इन्हीं सब बयानों के आधार पर उनके पुराने साथी और पूर्व सांसद अरुण कुमार ने आरोप भी लगाया था कि जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह सीएम नीतीश को गलत दवा दे रहे हैं कि मेमोरी लॉस हो। फिर से नीतीश बीते दिन मंगलवार को कुछ ऐसा बोल गए जिससे बवाल बरपा हुआ है। यहाँ तक कि उसे मीडिया में भी नहीं छापा जा सकता है। लड़कियों की शिक्षा के कारण बिहार में जन्म-दर नियंत्रित हो रहा है, लेकिन उन्होंने बिहार विधानसभा में इसकी पूरी शारीरिक प्रक्रिया बोल डाली।
सीएम नितीश ने कहा कि “पुरुष है वह तो रोज रात में ……… उसके साथ वह रोज। …….. है न! त उसी में वह। …… हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो उसे पता होता कि वह……. ठीक है, लेकिन अंतिम में। ……. उसको।।।।। कर दो।” उन्होंने राज्य में छह हजार से कम मासिक आय वाले 94 लाख से ज्यादा परिवारों को आर्थिक मदद की योजना लाने का प्रस्ताव दिया।
मांगी माफ़ी –
बयान के बाद सीएम नीतीश कुमार ने महिला विधायकों से माफी मांगी है और सफाई में कहा कि मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। मैं जन्म दर पर बोल रहा था। लड़कियों की शिक्षा पर बोल रहा था।नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री मेमेरी लॉस हो चुकी है। उनकी याददाश्त कमजोर हो चुकी है। उनका मेडिकल जांच होना चाहिए।

