मार्च से बंद हुए स्कूलों के गेट बच्चों के लिए दो नवंबर को खुले। सात महीने बाद स्कूलों में केवल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र—छात्राओं को बुलाया गया। स्कूलों में प्रवेश के समय गेट पर सैनिटाइज कराकर छात्रों के मास्क लगे होने पर ही प्रवेश दिया गया। डीपीएस, सेेंट मैरी, विजडम ग्लोबल, डीएवी, शिवडेल आदि पब्लिक स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति अच्छी रही।
सरकारी स्कूलों में तो 20 प्रतिशत छात्र—छात्राएं ही स्कूल पहुंच सके। हालांकि प्राइवेट स्कूलों में इससे कुछ ज्यादा संख्या रही। मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज ने बताया कि हाईस्कूल में 24000 पंजीकृत विद्यार्थी हैं, लेकिन पहले दिन 4157 छात्र—छात्राएं स्कूल पहुंचे। उधर इंटरमीडिएट के 18500 पंजीकृतों में से स्कूल में आज 2558 छात्र—छात्राएं ही उपस्थित हुए।
उन्होंने बताया कि सभी छात्र—छात्राओं से शपथ पत्र लिया गया, तभी उनको स्कूलों में प्रवेश दिया गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कोरोना की गाइड लाइन का पालन निरंतर जारी रखा जाएगा। इसकी जांच प्रतिदिन अधिकारियों को भेजकर सुनिश्चित कराई जाती रहेगी।

