हरिद्वार: उत्तराखंड के अंबाला में महिला पॉलीटेक्निक की प्रवक्ता की आत्महत्या के केस में पुलिस ने उनके बेटे की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर एचओडी समेत तीन सहकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दाखिल किया है। इसके अलावा मामलें जांच पूरी तरह गंभीर जांच पड़ताल भी शुरू कर दी गई है।
नगर कोतवाल राकेंद्र कठैत के अनुसार,गांव आसौदा टोडरान, थाना खास, जिला झज्जर, हरियाणा निवासी अर्पण ने तहरीर देकर बताया कि उनकी मां सविता अंबाला के कल्पना चावला सरकारी महिला पॉलीटेक्निक में साल 2009 से लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस की प्रवक्ता रही जिनका आरोप है कि संस्थान में कार्यरत इंग्लिश की लेक्चरर कृष्णा रानी भोरिया, एचओडी लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन डॉ. बिंदु आनंद और लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस की लेक्चरर ऊषा रानी करीब चार वर्षों से उनकी मां को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा था उसे प्रताड़ित भी किया जाता था। इसके बारे में डेढ़ वर्ष पहले उनकी मां ने परिवार और रिश्तेदारों को बताया था। उनकी तीनों महिला सहकर्मियों को कई बार समझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन वे अपनी इस परवर्ती से बाज नहीं आई।
अपर्णा ने बताया है कि बीती एक अक्तूबर को उनकी मां सविता हरिद्वार घूमने आई थीं और लटका प्राप्त हुआ है। जिसके बाद अपर्णा ने मामा कुलदीप, दिनेश और अनिल के साथ हरिद्वार पहुंचकर पुलिस से जानकारी ली। पोस्टमार्टम कराने के बाद अर्पण ने मां का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद सुसाइड नोट के आधार पर तीनों सहकर्मियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी।

