नई दिल्ली : एक लम्बे समय से टाटा संस की नज़र में रही एयर इंडिया की बोली आज टाटा संस ने जीत ली है। आज 68 साल बाद एयर इंडिया फिर से टाटा की हो गई। टाटा की इस समय तो एयरलाइंस में स्टेक है। इस डील का सबसे ज्यादा फायदा एयर इंडिअ के कर्मचारियों को मिलेगा , और सभी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। बिड में पैनल ने टाटा ग्रुप को चुना है। इस बिड में एयर इंडिया के अलावा स्पाइसजेट ने भी बोली लगायी थी।
बता दें कि जेआरडी टाटा ने 1932 में टाटा एयरलाइंस की स्थापना की थी। लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के समय विमान सेवा पर रोक लगा दी गई थी। और जब विमान सेवाएं बहाल हुईं, तो टाटा एयरलाइंस का नाम बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड रख दिया गया था। और 1947 में एयर इंडिया की 49 फीसदी हिस्सेदारी भारत सरकार के पास थी , और उसके बाद इस एयरलाइंस का 1953 में राष्ट्रीयकरण हो गया। सरकार ने एयर कॉर्पोरेशन एक्ट पास किया और कंपनी के फाउंडर जेआरडी टाटा से मालिकाना हक खरीद लिया। और अब 68 साल बाद फिर से एयर इंडिया को टाटा संस ने वापस खरीद लिया है।

