अस्पताल में माता-पिता के झगड़े में एक मासूम की जिंदगी निगल गई। अस्पताल में बच्चा भर्ती था,जहां पिता शराब के लिए पिता पत्नी से पैसे मांगने आया। मां ने जब मना किया तो गुस्साए पिता ने सांस लेने के लिए बच्चे के मुंह में पड़े ट्यूब को खींचा। डॉक्टरों ने बच्चे को भरसक प्रयास किया। लेकिन नहीं बचा सके। दरअसल, नत्थनपुर निवासी निशा के बेटे पिंकू की तबीयत खराब होने पर नानी गीता ने उसे 24 जून को दून अस्पताल में भर्ती करवाया था जहां डॉक्टरों ने बताया है कि डॉक्टर के अनुसार, बच्चे को सेप्सिस डायबिटिक कीटोएसिडोसिस बीमारी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था।
बच्चे को तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया और इंसुलिन भी चढ़ाया जा रहा था। बच्चे के मुंह से सांस नली तक ट्यूब डाला गया था, ताकि सांस सही से आती रहे। बच्चे की स्थिति में सुधार आया था लेकिन उसकी ऐसे मौत हो गई। कोतवाली इंस्पेक्टर राकेश गुसाईं का कहना है कि पाेस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

