गो फर्स्ट ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण से कुछ चीजों पर अंतरिम निर्देश देने के लिए मांग की है। जिन चीजों की मांग हुई है उनमें पट्टेदारों को विमान वापस लेने से रोकना और नियामक डीजीसीए को एयरलाइन के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई करने से रोकना शामिल है।
गो फर्स्ट ने मांग में कहा है कि एनसीएलटी विमानों को पट्टे पर देने वालों को अपने विमान वापस लेने से रोके और साथ ही नागर विमानन महानिदेशालय को किसी तरह की जबरिया कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दे। वाडिया समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन पर 11,463 करोड़ रुपये की देनदारी है। कंपनी ने स्वैच्छिक दिवाला समाधान कार्यवाही के लिए आवेदन किया है। एनसीएलटी की दिल्ली पीठ बृहस्पतिवार को गो फर्स्ट की अपील पर सुनवाई होगी। गौरतलब है कि गो फर्स्ट ने तीन मई से तीन दिन के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।

