दुबई: अफगानिस्तान में तालिबान का सम्पूर्ण कब्ज़ा होने के बादसे ही सबसे ज़्यादा खतरा महिलाओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर मंडरा रहा है। एक तरफ तालिबान ने महिलाओं को अधिकार सौपनें को कहा था वहीँ दूसरी ओर खुद अफगान नागरिकों को इस संगठन की बातों पर भरोसा नहीं है। यही वजह रही की कई अफगानी नागरिक देश छोड़कर चले गए हैं। इस बीच खुलासा हुआ है कि जो परिवार अफगानिस्तान छोड़ने में सफल नहीं हो पाए, उन्होंने अपने घर की लड़कियों को देश से निकालने के लिए उनकी शादी एयरपोर्ट पर ही करा दी। वह भी उन लोगों से जिन्हें अफगानिस्तान छोड़ने और दूसरे देश में शरण लेने की इजाजत दी जा चुकी है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि विदेश मंत्रालय को अलर्ट किया गया है कि कई परिवारों ने अपनी बेटियों की शादी सीधा एयरपोर्ट पर करानी पडी क्यूंकि अमेरिका में शरण लेने की इजाजत मिली थी।
इसके जरिए वे परिवार अपनी लड़कियों को तालिबान से बचाकर दूसरे देश पहुंचाना चाहते थे। हालांकि, अब तक जो निरीक्षण कार्यक्रम चला है, उसमें कई लड़कियां और महिलाएं सामने आई हैं जिन्होंने जबरदस्ती शादी की बात को खुद माना भी है।इसके अलावा ये भी बात समानें आई कि अमेरिका ने बीते एक महीने में सबसे ज्यादा अफगान नागरिकों को वहां से निकाला है जिनमें सबसे ज्यादा लोग अमेरिकी सेना के मददगार और उनके परिवार हैं। इन लोगों से अमेरिका ने पूर्व ही वादा किया था कि अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने के साथ ही उन्हें देश में शरण दी जाएगी। निकासी कार्यक्रम के दौरान भी अमेरिका ने अपने मददगारों को ही प्राथमिकता दी और उन्हें परिवार के साथ सुरक्षित निकाल लिया।खबरों में ये भी है कि अमेरिकी अधिकारी अफगान नागरिकों की जांच में काफी सावधानी बरत रहे हैं। अमेरिका इन घटनाओं का शिकार हुई महिलाओं को जहा वो हैं वहीँ सुरक्षित रखने की की कोशिश में लगा हुआ है। जहां उनकी पहचान हो रही है।

