5 रोचक बातें: जानिए किन्नर अखाड़े की आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को

इस बार के हरिद्वार कुंभ में आकर्षण का केंद्र किन्नर अखाड़ा रहा। वैसे तो तेरह अखाड़ों की परंपरा में किसी नए अखाड़े की कोई जगह नहीं है लेकिन समाज में सकारात्मक संदेश देने के इरादे से श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े ने किन्नर अखाड़े को अपनी शाखा के रूप में मान्यता दी है। हरिद्वार कुंभ 2021 के सभी शाही स्नान पर्वों पर किन्नर अखाड़े के साधुओं ने जूना अखाड़े के साथ ही स्नान किया है। 

अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी यूं तो पहले से ही एक पब्लिक फिगर रही हैं लेकिन हरिद्वार कुंभ के दौरान उन्होंने अखाड़े के वैभव का भी विराट प्रदर्शन किया। लक्ष्मी त्रिपाठी आजकल धर्म जगत सहित समूचे देश में चर्चा का केंद्र है। 

आइए जानते हैं उनके बारे में पांच ऐसे रोचक तथ्य जिनसे आप शायद ही रूबरू हुए हों। 

ठाणे में जन्म: लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का जन्म 13 दिसंबर 1978 को महाराष्ट्र के ठाणे में स्थित मालती बाई अस्पताल में हुआ था। जन्म के वक्त परिजनों को उनके लड़का होने का आभास था लेकिन जैसे-जैसे वक्त गुजरा लक्ष्मी त्रिपाठी ने एक ट्रांसजेंडर के रूप में पहचान बनाई। 

स्नातकोत्तर तक शिक्षा: किन्नर अखाड़े कि आचार्य महामंडलेश्वर ने अपनी शिक्षा मुंबई से प्राप्त की है। वो वहां के मीठीबाई कॉलेज से कला में स्नातक हैं तथा उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम में स्नातकोत्तर किया है। उन्हें नृत्य का बेहद शौक है। 

बार डांसर रही: लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अपने शौक को पेशे में तब्दील किया था। वो मायानगरी मुंबई में बार डांसर के तौर पर कार्य कर चुकी हैं। इस काम में उन्होंने काफी शोहरत भी हासिल कर ली थी लेकिन बाद में महाराष्ट्र सरकार ने शहर के सभी डांस बार बंद करा दिए थे। 

रियलिटी शो में काम: हमेशा लाइम लाइट में रहने वाली लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी फिल्मी पर्दे सहित छोटे पर्दे पर भी हाथ आजमा चुकी हैं। वो सन 2011 में मेगा रियलिटी शो बिग-बॉस में प्रतिभाग कर चुकी हैं। इसके अलावा सलमान खान के शो दस का दम में भी वो दिखाई दी थी। 

संयुक्त राष्ट्र में संबोधन: लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी सन 2008 में संयुक्त राष्ट्र में एशिया पेसिफिक का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वहां अपने संबोधन में उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए मानवीय व्यवहार व अलग अधिकारों की वकालत की थी। सन 2007 में उन्होंने इन्हीं विषयों पर काम करने के लिए अस्तित्व नाम से एनजीओ भी बनाया था।

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