देहरादून : अफगानिस्तान में तालिबानियों का कहर सिर्फ वहीँ के नागरिक नहीं बल्कि भारतीय नागरिक भी झेल रहे हैं और उनके अपने जो भारत में हैं उनका तड़प कर बुरा हाल है। जहाँ आज वायुसेना के विमान से कई भारतीय गुजरात सकुशल लाए गए हैं वहीँ उत्तराखंड राज्य के कई लोग काबुल में फसे हैं। आपको बतादें देहरादून के करीब तीन सौ से ज्यादा लोग वहां तालिबानियों के बीच अपनी जान बचाए छिपे बैठे हैं। जो चार दिन से एक जगह पर हैं लेकिन उन्हें एयरपोर्ट जाने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। इनमें से कुछ लोग वीडियो जारी कर भारत सरकार ने लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। इधर उनके परिजनों की सांसें अटकी हुई हैं। वे उनकी सलामती और सुरक्षित वापसी के लिए लगातार भगवान् से प्रार्थना कर रहे हैं। ताकि उनके अपने किसी भी तरह सही सलामत राज्य लौट आए।
आपको बतादें कि देहरादून के जो भी नागरिक वहां फसे हुए हैं उनमें सबसे अधिक पूर्व सैनिक हैं जो वहां के यूरोपियन, ब्रिटिश एंबेसी सहित अन्य जगहों पर सुरक्षा में तैनात थे। दून गल्वाडी, अनारवाला, गजियावाला, डोईवाला, नेहरूग्राम सहित विभिन्न स्थानों में रह रहे उनके परिजन सोशल मीडिया पर उनके वीडियो देख हैरान हो गए हैं। उनकी आंखों में आंसू हैं।और अपने अपनों को सही देखने की इच्छा।
हर वक्त उनके कान और आंखे टीवी और फोन पर टिकी हुई है। जिन लोगों के पति, भाई और अन्य रिस्तेदार अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं, उनका कहना है कि मजबूरी में सभी लोग नौकरी के लिए अफगानिस्तान गए। अगर लोगों को भारत में ही अच्छी सैलरी और नौकरी मिलती तो उन्हें वहां जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। बताया जा रहा है कि करीब 140 लोग एक ही जगह पर चार दिन से हैं न उन्हें वहां अभी तक खाना मिला है न ही कोई उम्मीद नज़र आ रही हैं।
बैठने और रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। जिस कंपनी में वह काम करते थे, उसने उन्हें छोड़ दिया है। वह भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वह सभी को यहां से सुरक्षित निकाल लें।हालाँकि,प्रदेश सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ये आश्वासन दिया है कि वो उत्तराखंड के नागरिकों को वह से सही सलामत निकाल ले आने का प्रयास लगातार कर रहे हैं इसके बावत उनकी केंद्र सरकार से भी बात हो चुकि हैं .और सभी प्रयासरत है। और सभी को सही वापस लाने को प्राथमिकता बताया है।

