सहारनपुर : सहारनपुर के नगला स्थित डीपीएस स्कूल का छात्र शाहजेब ने बहुत छोटी उम्र में ही अपनी जिंदगी को उजड़ते देखा है। किताबों के बीच भविष्य का सपना देख रहे शाहजेब की जिंदगी उसके पिता की मृत्यु के बाद ऐसी पलटी की उसे दुखों में घेर लिया। अब खुशियां लौटी लेकिन इन पलों को जीने के लिए अम्मी, अब्बू और दादू नहीं है।
क्यूंकि उसके माता-पिता पिता दद्दू कोरोना से मां की मौत के बाद उसकी रोटी तक के लाले पद गए। मजबूर दस साल का शाहजेब बच्चा करोड़ों की जायदाद का मालिक निकला। उसके दादा ने मरने से पहले अपनी आधी जायदाद उसके नाम कर दी थी। वसीयत लिखे जाने के बाद से परिजन उसे लगातार ढूंढ रहे थे।
कलियर में सड़कों पर इधर उधर जाते वक्त युवक मोबिन ने उसे पहचाना। जिसके बाद बृहस्पतिवार को वह बच्चे को अपने साथ घर ले गए। बच्चे के नाम गांव में पुश्तैनी मकान और पांच बीघा जमीन है। हालात ने उसे होटलों में झूठे बर्तन धोने और सड़कों पर भीख मांगने पर मजबूर कर दिया।

