मानसून की शुरुआत जहाँ एक तरफ मैदानी इलाकों में जल भराव जैसी समस्याओं को लेकर आता है वहीँ पहाड़ी इलाकों में जाल माल का खतरा मंडराता है। भारी बारिश शुरू होते ही,उत्तराखंड राज्य के कई इलाकों में भूस्खलन,बदल फटने जैसी खबरे मिल रही हैं। इसी कड़ी में आज हिमांचल प्रदेश के किन्नौर जिले के निगुलसेरी नेशनल हाईवे-5 पर चील जंगल के पास चट्टानें के गिरने की घटना हुई। इस हादसे में एचआरटीसी बस की चपेट में आने की खबर है। सूत्रों की मानें तो, एचआरटीसी बस मलबे में दब गई है। एक शव बरामद हुआ है। करीब 30 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। 6 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। बाकी की तलाश में प्रशासन जुटा है।
घटनास्थल पर एनडीआरएफ, सेना, पुलिस और स्थानीय लोग घायलों को लेकर चिकत्सा लिए अस्पताल पहुंचा रहे हैं। किन्नौर जिले मे मूरंग हरिद्वार रूट की यह बस है। डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि पहाड़ी से लगातार चट्टानें गिर रही हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। निगुलसेरी, किन्नौर में भूस्खलन होने से मलबे में वाहनों के दबने का समाचार सुनकर बहुत दुखी हूं।
इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने जयराम ठाकुर से फोन पर बात की और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। गृह मंत्री ने फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए और स्थिति का जायजा लेने के लिए आईटीबीपी के महानिदेशक से भी बात की। 600 मीटर नीचे बास्पा नदी के किनारे दूसरी सड़क पर जा गिरा था।

