नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को जल्द रद्द करने की मांग को लेकर राहुल गांधी के साथ कई विपक्षी नेताओं ने आज संसद से विजय चौक की ओर मार्च निकाला है। मार्च यात्रा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी मीडिया से रूबरू हुए, और अपने तीखे बाड़ केंद्र सरकार पर छोड़े। राहुल बोले- आज हमें आपसे बात करने के लिए यहां आना पड़ा इसके पीछे कारण है कि विपक्ष को संसद में बोलने का मौका नहीं दिया। यह लोकतंत्र की हत्या है। हंगामों के चलते अब संसद का सत्र समाप्त हो चुका है। इस दौरान 60 फीसदी देश की आवाज को कुचला गया, बेइज्जत किया गया। राज्यसभा में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई, बाहर से लोगों को बुलाकर और नीली वर्दी में डालकर सांसदों से मारपीट की गई। आज मीडिया से राहुल ने ये भी कहा कि हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री इस देश को बेचने का काम कर रहे हैं, हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री दो-तीन उद्योगपतियों को हिन्दुस्तान की आत्मा बेच रहे हैं।
हमने सरकार से पेगासस पर बहस करने के लिए कहा लेकिन सरकार इससे मना कर रही है। संसद के बाहर भी हमने मुद्दा उजागर किया लेकिन सरकार नहीं सुनती। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि केंद्र संसद की कार्यवाही ठीक से नहीं चलाना चाहता। सरकार बिना चर्चा के कानून पारित कर रही है। कोरोना टीकाकरण, वर्तमान आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, कृषि कानूनों पर चर्चा होनी चाहिए लेकिन सरकार भाग रही है।

