उत्तराखंड में बिजली दामों में अधिकता की उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की याचिका नियामक आयोग ने इंकार किया है। यूपीसीएल ने भारी डिमांड के चलते बाजार से महंगी बिजली खरीद के चलते दोबारा दरों में बढ़ोतरी की यह याचिका दायर की गई थी।लेकिन इसे खारिज कर दिया गया है।
यूपीसीएल ने बीते मई माह में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर करते हुए कहा था कि बिजली की भारी मांग और कम उपलब्धता की वजह से महंगे दामों पर बिजली खरीदनी पड़ ही है। यूपीसीएल ने अप्रैल से सितंबर की अवधि में निगम को करीब 922 करोड़ रुपये खर्च करने की आवश्यकता कही थी ।निगम ने यह वसूली एडिशनल एनर्जी चार्ज के तौर पर लेने को कहा था। आयोग ने इस याचिका को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए छह जून को जनसुनवाई की थी। इसके बाद आयोग ने बैठक की और यूपीसीएल की याचिका का खारिज की है।

