महोबा: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज उत्तर प्रदेश के महोबा में गरीबी रेखा से नीचे ग़रीब परिवारों के लिए सरकार की उज्ज्वला 2.0 का वीरभूमि महोबा से वर्चुअली शुभारंभ किया गया। पीएम मोदी ने वीडियो पर बटन दबाकर योजना के दूसरे चरण की शुरआत की। इस मौके पर पीएम मोदी ने ये भी कहा कि एक करोड़ महिलाओं के जीवन को बदलने का प्रयास जारी है। साथ ही पीएम ने कहा कि अब गैस कनेक्शन के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिना एड्रेस प्रमाण पात्र के भी आप गैस कनेक्शन ले सकेंगें। आज इस वर्चुअल भाषण के मुख्य बिन्दु निम्नलिखित हैं –
1- पीएम मोदी ने कहा कि बायोफ्यूल एक स्वच्छ ईंधन के साथ साथ आत्मनिर्भरता का इंजन, देश के विकास इंजन, गांव के विकास इंजन, और सभी जगह प्रगति का माध्यम है। उन्होने जागरूक करते हुए कहा कि “बायोफ्यूल” एक ऐसी ऊर्जा है जो हम घर और खेत के कचरे से, पौधों से, खराब अनाज से भी मिल सकता है।
2- पीएम ने कहा कि देश अपनी जरूरी सुविधाओं से भी आगे हैं विकसित होकर अपने सभी सपने साकार करने की और अग्रसर है। उन्होने कहा कि आगामी समय में 25 साल में इस सामर्थ्य को हमें कई गुना बढ़ाने का प्रयास करना है। जिस विकास में हमारी बहनों की अहम् भूमिका होगी।
3- सम्बोधन में पीएम बोले कि बुंदेलखंड के अलावा सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों के हमारे अनेक साथी, काम करने के लिए गांव से शहर जाते हैं, दूसरे राज्य जाते हैं। लेकिन वहां उनके सामने एड्रेस प्रूफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नए नियम के तहत ऐसे ही लाखों परिवारों को उज्ज्वला 2.0 योजना बड़ी राहत देगी।
4-पीएम ने सभी परिवारों को समबोधित करते हुए कहा कि “अब मेरे श्रमिक साथियों को एड्रेस के प्रमाण के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। सरकार को आपकी ईमानदारी पर पूरा भरोसा है। आपको अपने पते का सिर्फ एक सेल्फ डेक्लेरशन, यानि खुद लिखकर देना है और आपको गैस कनेक्शन तुरंत प्राप्त होगा।
5- बहनों के स्वास्थ्य, सुविधा और सशक्तिकरण के इस संकल्प को उज्ज्वला योजना ने बहुत बड़ा बल दिया है। योजना के पहले चरण में 8 करोड़ गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों की बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया।
6 -महिलाओं के लिए बोलते हुए पीएम ने कहा कि हमारी बेटियां घर में फसे रहने के बजाये बाहर तभी निकल पाएंगीं ,जब पहले घर और रसोई से जुड़ी समस्याएं हल होंगी। इसलिए, बीते 6-7 सालों में ऐसे हर समाधान के लिए मिशन मोड पर काम किया गया है। देशभर में करोड़ों शौचालयों का निर्माण किया गया है।
7-बीते साढ़े 7 दशकों की प्रगति को हम देखते है तो हमें जरूर लगता है कि कुछ स्थितियां, कुछ हालात ऐसे हैं जिनको कई दशक पहले बदला जा सकता था। घर, बिजली, पानी, शौचालय, गैस, सड़क, अस्पताल, स्कूल, ऐसी अनेक मूल आवश्यकताएं है जिनकी पूर्ति के लिए दशकों का इंतज़ार देशवासियों को करना पड़ा।
8-पीएम बोले कि बस हर ग़रीब का चुलाह हर दिन जलता रहे और जितनी भी याेजनाएं है, उन सभी का लाभ गरीबों को लगातार मिले यही मेरी इच्छा है। आज आप सभी माताओं-बहनों से बात करने का मौका मिला। मुझे खुशी है थोड़े दिन बात रक्षाबंधन का पावन पर्व आ रहा है। मुझे पहले ही आप सभी बहनों से बात करके आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
9- उज्ज्वला योजना ने देश की जितनी महिलाओं का जीवन रोशन किया है वो अभूतपूर्व है। ये योजना 2016 में मंगल पांडे की धरती बलिया से शुरू हुई थी। आज उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत भी वीर भूमि महोबा से हो रही है। आज मैं बुंदेलखंड की एक और महान संतान को याद कर रहा हूं।
10- आज के सम्बोधन में पीएम ने टोक्यो ओलम्पिक की ख़ुशी भी जाहिर की और बोले की “हमारे खिलाड़ियों ने मेडल तो जीते ही साथ ही अपने उम्दा प्रदर्शन से भविष्य को सुनहरा करने का मौका दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते साढ़े 7 दशकों की प्रगति को हम देखते है तो हमें जरूर लगता है कि कुछ स्थितियां, कुछ हालात ऐसे हैं जिनको कई दशक पहले बदला जा सकता था।

