‘पहाड़ और मातृ शक्ति एक दूसरे के पर्याय हैं चाहे पर्यावरण की रक्षा के लिए चिपको आंदोलन हो या शराब माफियाओं के खिलाफ जंग हो अथवा उत्तराखंड राज्य के गठन हेतु बलिदान और योगदान, सभी में राज्य की महिलाओं ने अहम और अग्रणी भागीदारी निभाई है। महिलाओं का सबसे बड़ा हथियार उनका खुद का आत्मविश्वास है।
उत्तराखंड कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने युवा कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय लीडरशिप डेवलपमेंट वर्कशॉप में बतौर अतिथि वक्ता महिला सशक्तिकरण एवं उत्तराखंड गठन के 21 वर्षों बाद भी महिलाओं की दशा और दिशा विषय पर बोलते हुए उक्त बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण जरूरी है, लेकिन उससे पहले समानता पर जोर देने से समाज का भला होगा।
दसौनी ने वर्कशॉप में आंकड़ों के जरिए महिलाओं की दुर्दशा युवाओं के सामने रखी। उन्होंने बताया कि कैसे हर 15 सेकेंड में एक बच्ची या महिला यौन उत्पीडऩ का शिकार हो रही, कैसे हमारे देश में मात्र 12 प्रतिशत महिलाओं को ही लोकसभा और राज्यसभा में स्थान मिल पाता है जोकि वैश्विक औसत 22 प्रतिशत से बहुत कम है।
युवाओं का उत्साह बढ़ाया
प्रवक्ता ने युवाओं से कहा कि किसी भी कीमत पर संघर्ष और सकारात्मकता नहीं छोडऩी है। संघर्ष और मेहनत ही सफलता की सीढिय़ां हैं। समाज में व्याप्त कुरीतियों और रूढि़वादी परंपराओं को समाप्त करने की दिशा में युवाओं को ही काम करना होगा।
दसौनी ने कई उत्साहवर्धक गीतों की पंक्तियों के माध्यम से वहां उपस्थित युवाओं को संवाद में बराबर प्रतिभाग करवाया। दसौनी का युवाओं के साथ संवाद लगभग आधा घंटे चला जिस दौरान अपने क्षेत्रों में सफलता प्राप्त किए हुए नामी गिरामी हस्तियों के जीवन के संघर्षों से दसौनी ने युवाओं को सीख लेने के लिए प्रेरित किया। दसौनी ने बहुत सी घटनाओं और मनोबल बढ़ाने वाले किस्सों के ज़रिए युवाओं में जोश का संचार किया।
कुल मिलाकर यह इंटरेक्शन बहुत ही लाभकारी और दिलचस्प रहा। युवा कांग्रेस का यह प्रोग्राम प्रात: 10 बजे से शाम 6 बजे तक चला जिसमे मुख्य वक्ताओं में सुमित वशिष्ठ ने भारत निर्माण की नींव पर अपने विचार रखे, राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शुक्ला ने महंगाई और बेरोजग़ारी पर युवाओं को अपडेट किया।
वर्कशॉप में 150 युवा कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए
वर्कशॉप में युवा कांग्रेस के प्रदेश स्तर के 150 पदाधिकारियों ने भाग लिया उपस्थित लोगों में मुख्यत: कृष्णा अल्लावरु, सीताराम लांबा, प्रदीप सूर्या, वैभव वालिया, सुमित्तर भुल्लर, इशिता सेधा, हरनीत कौर, के के शास्त्री, चैतन्य कृष्णा रेड्डी, सनी मलिक इत्यादि शामिल थे।

