हरिद्वार: कोविड-19 की दूसरी वेव ने लाखों लोगों के घरों को उजाड़ दिया चारो तरफ मौतों का तांडव मचा,जिसके बाद लोग दहशत में भी आए और अभी कुछ समय पहले तक नियमों का सख्ती से पालन भी किया गया लेकिन अब जबकि तीसरी लहर की आशंका जताई जा चुकी है शायद वाकिफ नहीं होना चाहते और इसके खतरे को नज़रअंदाज़ करके लापरवाही करते नज़र आ रहे हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार में इसे लेकर हर तरफ लापरवाही हो रही है। हरिद्वार के बाजारों से लेकर हरकी पैड़ी पर भीड़ उमड़ रही है।
लोगों ने शारीरिक दूरी का पालन करना तो दूर मास्क पहनना तक छोड़ दिया है। स्वास्थ विभाग भी पूरी अनदेखी पर है। पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने वालों की ट्रैकिंग और ट्रैसिंग बंद हो गई है। सैंपलिंग भी आधे से कम कर दी गई है, जबकि संक्रमण की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है।प्रदेश में कोविड कर्फ्यू की औपचारिकता अभी लागू है। सरकार हर हफ्ते कर्फ्यू बढ़ा रही है। कुछ प्रतिबंधों को छोड़कर बाकी में पूरी तरह छूट मिल गई है। बाजार हो या कारखाने या फिर हरकी पैड़ी लोगों की दिनचर्या कोविड के समय से पहले जैसी सामान्य हो गई है। बॉर्डर खुले हुए है। इसके अलावा आपको बतादें कि हरिद्वार में प्रतिदिन बाहरी जिलों एवं राज्यों से एक लाख से अधिक पर्यटकों और लोगों का आवागमन लगा हुआ है।इनमें अस्थि विसर्जन, स्नान से लेकर कर्मकांड वाले शामिल हैं। वीकेंड पर भीड़ टूट पड़ती है।
हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाने के बाद अधिकतर लोग बाजारों में निकल आते हैं। अधिकतर लोग मास्क पहनना भूल गए हैं। इनमें दुकानदारों से लेकर स्थानीय और बाहरी श्रद्धालु सभी शामिल हैं।

