नोएडा : गौरतलब है कि बीते दिन रविवार को नोएडा के ट्विन टावर को विस्फोटक लगाकर गिराया गया। जसिका दृश्य कईयों ने अपने कैमरों में कैद कर सोढल मीडिया पर इसे देखने का लुत्फ़ लिया लेकिन इस विस्फोटक ट्विन टावर के गिरने में नोएडा में पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गयीं हैं। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के साथ बीमार लोगों व पेड़-पौधों को भी इससे होने वाले नुकसान भी होज्यादा असर होगा। इससे बचाव के लिए करीब एक सप्ताह तक लगातार पानी का छिड़काव किया जाएगा जिससे की धुल को जल्द से जल्द दबाया जा सके।
बारिश हो जाएगी तो हालात कुछ ठीक होने की संभावना है। टावर के आसपास की सोसाइटी में रहने वाले लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होगी, जो लोग पहले से बीमार हैं उनकी परेशानी काफी बढ़ सकती है। मलबा भी प्रदूषण बढ़ाया। इसका निस्तारण चुनौतीपूर्ण होगा। आसपास के करीब पांच हजार से अधिक पेड़ों पर प्रदूषण और विस्फोट का व्यापक असर आगामी दिनों में देखने को मिलेगा। तीन माह में मलबा हटाने का काम भी चुनौतीपूर्ण होगा। मलबे को जल्द निस्तारण के लिए सेक्टर-80 स्थित प्लांट में पहुंचाना होगा जहां इससे ब्लॉक बनाए जा सकते हैं। प्रदूषण के स्तर के बारे में कल सुबह दस बजे तक पता चलेगा।

