कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस में विस्फोट करने की साजिश के बाद अब नया एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहा बीते 10 सितंबर की रात गाजीपुर सिटी-गाजीपुर घाट स्टेशन के बीच रेलवे लाइन पर तीन मीटर तक गिट्टियां रखने और प्रयागराज-बलिया पैसेंजर के इंजन पर पथराव हुआ है। बीते बुधवार की रात मामले में तीन आरोपियों को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ हुई और तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गाजीपुर सिटी और गाजीपुर घाट स्टेशन के बीच ओवरब्रिज के नीचे रेलवे पटरी पर लगभग तीन मीटर तक गिट्टियां रखी हुईं थीं। रात 9.15 बजे प्रयागराज बलिया पैसेंजर ट्रेन इन्हीं गिट्टियां से होकर गुजर गई। लोको पायलट को गिट्टियां रखने का अहसास हुआ। कुछ लोगों ने ट्रेन के इंजन पर पत्थर भी मारा। लोको पायलट ने घाट स्टेशन पर पहुंचने पर जिसकी जानकारी मेमो में दिया। मास्टर पवन कुमार ने आरपीएफ गाजीपुर सिटी थाने में घटना के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया।
पुलिस के अधिकारियों को भी दी। इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण भी किया। मामले में आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार राय के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गई है। बुधवार की रात सूचना मिली की तीन लड़के रोजाना रात 9 बजे के आसपास घटनास्थल के पास आकर बैठते हैं और नशा करते हैं। टीम तत्काल रेलवे ओवरब्रिज के पास पहुंच कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान शहर कोतवाली क्षेत्र के चक फैज छतरी निवासी दानिश अंसारी (18), सोनू कुमार (20) और आकाश कुमार (22) के रूप में हुई। बृहस्पतिवार को रेलवे मजिस्ट्रेट वाराणसी के समक्ष तीनों को पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

