बताया गया है कि खरशालीगांव स्थित पौराणिक मंदिर माँ यमुना का मायका है। ये पौराणिक मंदिर खतरे से गुजर रहा है साढ़े चार मंजिला शनि मंदिर की दीवार दरक गई है। चिनाई में प्रयुक्त लकड़ी सड़ने लगी हैं। जिसके चलते मंदिर के क्षतिग्रस्त होने का खतरा है।
पिछले साल मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरशालीगांव स्थित पौराणिक शनि मंदिर की बुनियाद को काफी परेशानी हुई थी। खतरा अब भी बरकरार है। गुजाखुंटी की पारंपरिक तकनीक से कट पत्थर और थुनेर की लकड़ियों के सड़ने से मंदिर के दीवारों के पत्थर खिसकने की कगार पर है कुछ तो खिसके भी हैं।
भूकंप रोधी तकनीक से निर्मित यह मंदिर ने कई बड़े भूकंप के झटके झेले हैं।भूकंप से तो नहीं पर अब सरकारी सिस्टम की उपेक्षा के चलते क्षतिग्रस्त होने की कगार पर है।इस धरोहर को बचाने की जिम्मेदारी शनि भगवन के भक्त मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ व उनकी पत्नी विनैला जैन ने लेने की बात कही है।

