ऋषिकेश: कल शनिवार 10 सितम्बर से ऋषिकेश में गंगा में रिवर राफ्टिंग का संचालन शुरू होगा। तकनीकी समिति के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को मरीन ड्राइव से लेकर मुनिकीरेती तक गंगा में ट्रायल भी किया है। पांच क्याक और एक राफ्ट की मदद से गंगा की लहरों और जलस्तर का निरीक्षण हुआ और टीम ने गंगा में राफ्टिंग के संचालन की हरी झंडी दी। समिति ने इसकी रिपोर्ट उत्तराखंड पर्यटन विभाग को सौंप दी है। विभाग 10 सितंबर को गंगा में राफ्टिंग के संचालन को शुरू करने की अनुमति दे दी है।बीते दिन बृहस्पतिवार को पर्यटन, सिंचाई, आईटीबीपी, वन विभाग और राफ्टिंग के सदस्यों की संयुक्त टीम ने करीब 25 किमी तक गंगा में रिवर राफ्टिंग कर निरीक्षण किया था और तकनीकी समिति के सदस्य जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने मौके पर बताया किपांच क्याक और एक राफ्ट की मदद से टीम सदस्यों को गंगा का जलस्तर ठीक था।
उन्होंने उच्चाधिकारियों को इसकी रिपोर्ट सौंप दी है। बरसात के मौसम के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है। इस कारण 30 जून से लेकर 31 अगस्त तक गंगा में राफ्टिंग के संचालन पर रोक लग जाती है। एक सितंबर से फिर गंगा में राफ्टिंग का संचालन शुरू होता है। इन दिनों पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस वजह से गंगा में रिवर राफ्टिंग के संचालन पर रोक लगी हुई है।
4 हज़ार लोगों का हुआ पंजीकरण-
बई, महाराष्ट्र आदि प्रांतों के पर्यटक और सैलानी गंगा में राफ्टिंग के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई है। राफ्टिंग संचालक जीतपाल, भगवान सिंह, राजकुमार, वैभव पयाल ने बताया कि उनके पास अभी तक चार हजार पर्यटकों ने ऑनलाइन बुकिंग कराई है। कई सैलानी राफ्टिंग के लिए उनके कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

