देश की हाईप्रोफाइल सीटों में से एक अमेठी कभी गांधी परिवार का पर्याय थी। 25 साल बाद इस बार गांधी परिवार ने अपने वफादार किशोरी लाल शर्मा को कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किया है। उनका मुकाबला भाजपा की तेज तर्रार नेता स्मृति जूबिन ईरानी से है। प्रियंका गांधी लगातार यहां प्रचार प्रसार में जुटी हुईं हैं .
आम बातचीत में लोग यही कहते हैं कि चुनाव तो बड़ी दीदी (स्मृति) बनाम छोटी दीदी (प्रियंका) है। एचएएल कोरवा के सामने मिले पन्नालाल सरोज ठहाका लगाकर कहते हैं कि कांग्रेस का यह बहुत बड़ा दांव है। किशोरी हारे तो कोई हानि नहीं। हारे तो राहुल भी। लेकिन, यदि जीते तो..। सरोज तंज कसते हुए कहते हैं कि प्यादे से बड़ी दीदी (स्मृति) हारीं तो राहुल के हारने से भी बड़ा इतिहास बन जाएगा। पिछले चुनाव में राहुल गांधी स्मृति से पराजित हो गए थे। कभी दुरदुरिया का पूजा करवाने के बहाने लगातार गांव-गांव संपर्क में रहीं। राहुल वाली टक्कर किशोरी दे पाएंगे, मुश्किल है।

