अमृतसर : कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बनें रहने की वजह से अभी तक करीब डेढ़ साल से बंद जलियांवाला बाग नवीनीकरण होकर अब वो आम जनता की आवाजाही के लिए तैयार हो चूका है। कल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम में इसे जनता के फिरसे खोल दिया है।शहीद स्मारक पर 20 करोड़ रुपये खर्च कर नया रूप दिया गया है। प्रवेश द्वार से लेकर स्मारक तक कई बदलाव सैलानियों का मन मोह लेगा,इतना ही नहीं बल्कि यहाँ चार नई गैलरियां भी तैयार की गयीं हैं। एक थिएटर का निर्माण भी किया गया है।
जलियांवाला बाग के अंतर्गत अंदर कुएं के चारों तरफ गैलरी बनीं है,सुरक्षा के लिए कांच लगाया है। कुएं से कुछ आगे शहीदी स्मारक को भी नया रूप दिया गया है, जो रात के समय रोशनियों से सैलानियों का मन लुभाता है। अंग्रेजों की क्रूरता की गवाह रहीं गोलियों के निशानों को भी स्मारक पर सुरक्षित किया गया है।
थियेटर जो तैयार किय गया है उसमें करीब एक बार में 80 सैलानी आ सकते हैं। जलियांवाला बाग नरसंहार पर विशेष डिजिटल डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई है, जो 13 अप्रैल 1919 को अंग्रेजी सेना की गोलियों से शहीद लोगों पर केंद्रित है। इसमें अंग्रेजों द्वारा जलियांवाला बाग में बैठे बेकसूर लोगों पर गोलियां बरसाए जाने का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया है। बीते दिन शनिवार को पीएम मोदी ने जलियांवाला बाग स्मारक कॉम्प्लेक्स का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन कर दिया है। उन्होने इस मौके पर कहा कि “किसी भी देश को अपना इतिहास नहीं भूलना चाहिए। जलियांवाला में 13 अप्रैल 1919 के वे 10 मिनट हमारे स्वतंत्रता संघर्ष की कहानी बन गए। असंख्य क्रांतिकारियों को जान कुर्बान करने का साहस दिया।
जलियावालाबाग का नवीनीकरण होकर जनता के लिए खुले दरवाज़े,पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

