लन्दन : आज ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सियासी आक्रोश के बीच अपना पद से इस्तीफा दे दिया है। खबरों की मानें तो,उन्होंने यह फैसला कंजर्वेटिव पार्टी में लगातार बढ़ रहे विरोध और साथी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद लिया है। बीते दो दिनों में ही उनके मंत्रिमंडल से 40 मंत्रियों का इस्तीफा हुआ है। साथ ही जॉनसन के करीबी नेताओं ने भी उन्हें पद छोड़ने का संदेश पहुंचा दिया था। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने पीएम पद छोड़ने पर सहमति जताई है।
आखिर वह क्या वजह थीं, जिनकी वजह से बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा? जॉनसन के वे कौन से साथी हैं, जिन्होंने उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी? और क्यों जॉनसन के एक करीबी साथी से जुड़े मामले ने उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
क्यों देना पड़ा इस्तीफ़ा ?-एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ,आम जनता कोरोना और प्रतिबंधों से जूझ रही थी, उस दौरान जॉनसन सरकार के कुछ मंत्री और अधिकारी शराब पार्टियां कर रहे थे। वह भी किसी आम क्लब या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के डाउनिंग स्ट्रीट स्थित आवास पर ये पार्टियां हो रही थीं। पार्टीगेट स्कैंडल के बाद ही जब कंजर्वेटिव पार्टी में जॉनसन को प्रधानमंत्री पद से हटाने की बात चली तो उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा। ब्रिटेन के नियमों के तहत वहां पार्टी भी प्रधानमंत्री को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है।सोमवार को ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि पीएम को आरोपों के बारे में पता तो था, लेकिन वे या तो सुलझा लिए गए थे या आधिकारिक शिकायत के तौर पर दर्ज नहीं थे। जॉनसन के विरोध में वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावीद ने इस्तीफा दे दिया। अगले दिन यानी बुधवार तक जॉनसन के विरोध में 40 मंत्री और अफसर इस्तीफा दे चुके हैं।

