ताजमहल पर क्या आया कोर्ट का बयान?,जज बोले-कल आप कहेंगे कि मुझे जज के चेंबर में जाना है

लखनऊ : गौरतलब है कि आज ताजमहल मामलें पर कोर्ट में सुनवाई थी। जिस पर आज कोर्ट ने टिप्पणी की है ताजमहल के 20 दरवाजों को खोलने की गुजारिश वाली याचिका पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने आज अपराह्न सवा दो बजे मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। याचिका अयोध्या के डॉ. रजनीश सिंह ने दायर की थी। याचिका में इतिहासकार पीएन ओक की किताब ताजमहल का हवाला देते हुए दावा किया है कि ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय है.दायर याचिका में इस बात को कहा गया था कि ताजमहल के बंद दरवाजों के भीतर भगवान शिव का मंदिर है। याचिका में अयोध्या के जगतगुरु परमहंस के वहां जाने और उन्हें भगवा वस्त्रों के कारण रोके जाने संबंधी हालिया विवाद का भी जिक्र किया गया।

याची ने ताजमहल के संबंध में एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी (तथ्यों का पता लगाने वाली समिति) बनाकर अध्ययन करने और ताजमहल के बंद करीब 20 दरवाजों को खोलने के निर्देश जारी करने की मांग की थी लेकिन हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई में याचिकाकर्ता रजनीश सिंह के वकील ने कहा कि देश के नागरिकों को ताजमहल के बारे में सच जानने की जरूरत है। याचिकाकर्ता ने कहा- मैं कई आरटीआई लगा चुका हूं।

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