बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल रहा। जिस शार्प शूटर के नेपाल, बांग्लादेश और कनाडा भागने की आशंका व्यक्त की जा रही थी, वह उत्तराखंड राज्य के भीतर ही हरिद्वार जिले में छिपा हुआ था।
28 मार्च 2024 को डेरे में घुसकर बाइक सवार शार्प शूटरों सर्बजीत सिंह और अमरजीत सिंह ने बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या की थी। दोनों बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी पुलिस करीब 12 दिनों तक एक भी शार्प शूटर का सुराग नहीं लगा सकी।
शार्प शूटरों ने सोशल मीडिया के ज़रिये पुलिस टीमों को गुमराह भी किया गया। कभी बदमाशों ने सोशल मीडिया एकाउंट के माध्यम से अपनी लोकेशन बांग्लादेश की राजधानी ढाका दिखाई तो कभी नेपाल और कनाडा भागने की भी चर्चाएं होती। दोनों बदमाशों के पीलीभीत के रास्ते नेपाल भागने की भी चर्चा होती रही, लेकिन शाहजहांपुर के बाद उनका पता नहीं चल सका। बदमाशों की तलाश में पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत पांच राज्यों में भी दबिश दी। इस मामले में पुलिस नेटवर्क और खुफिया तंत्र नाकाम साबित हुआ।

