लखनऊ में बिलखती चीखें,मलबे में दबे लोग बोले- हम ज़िंदा है निकालों…..

लखनऊ में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद मलबे के ढेर में मिनटों में बदल गई। मलबे के पास जब लोग पहुंचे तो भीतर से तेज तेज आवाज़े आयीं। वे मदद की गुहार लगा रहे थे। बाहर मौजूद लोगों का सब्र जवाब दे रहा था, क्योंकि वे चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। पुलिस को फोन कर रहा था तो कोई लोगों को इकट्ठा करने के लिए आवाज़े दी। तो कुछ खुद ही ईंटें आदि हटाने में जुटे थे। शायद वह एक आध जिंदगी बचा सकें। हालांकि ये इतना आसान नहीं था। इसलिए लोग बेबस खड़े रहे। जब पुलिस, सेना, एसडीआरएफ के जवान पहुंचे तब रेस्क्यू का काम शुरू हो सका और दबे लोग निकाले जाने लगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मलबे का ढेर देख कर लगा कि कोई नहीं बचा होगा। वह आनन फानन वहां पहुंचे। भीतर दबे लोग बेबस से इन्तेज़ार करते रहे।  इसी आस में मलबे में दबे लोग जिंदगी के लिए जंग लड़ते रहे।
ये आवाज सुन परिवार ने राहत की सांसें लीं। पांच मंजिला इमारत में करीब 16 फ्लैट बने हुए थे। इन सभी में परिवार रह रहे थे

वरिष्ठ अधिकारियों और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, नगर विकास मंत्री एके शर्मा बचाव कार्य के लिए पहुंच गए। भूतल पर बनी पार्किंग में खोदाई कार्य चालू था। इसमें ड्रिलिंग बिल्डर की तरफ से कराई जा रही थी। जब हादसा हुआ।। बिल्डिंग के ढहने का कारण क्या है? इसकी जांच कराई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *