पति की जान गई, इससे मैं दुखी हूं। मुझे ये दर्द उम्रभर दुखता तो रहेगा लेकिन इस बात का हमेशा गर्व रहेगा कि मेरे पति ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। अपना फर्ज निभाया। मैं चाहती हूं कि अब सरकार मोहित के देखे गए सपनों को साकार करे। मोहित की पत्नी रुचि ने रविवार को ये बातें कहीं। मोहित सेवानिवृत्ति के बाद गांव में स्कूल खोलना चाहते थे। नाम पर अब गांव में स्कूल की स्थापना करनी चाहिए। ऐसा होने पर आसपास के विद्यार्थियों को भी फायदा मिलेगा। जनवरी 2022 में उनकी शादी मोहित से हुई थी। अंतिम बार शुक्रवार रात करीब नौ बजे बातचीत हुई थी। इस दौरान उन्होंने घरवालों का हाल-चाल जाना। कहा कि रात दो बजे से उनकी ड्यूटी है। रात में घुसपैठियों के हमले में मोहित बलिदान हो गए। मोहित हमेशा कहते थे कि उनके लिए देश पहले है और परिवार बाद में। पत्नी रुचि बेसुध रही। रुचि ने ताबूत में ही पति का चेहरा देखा।
कुपवाड़ा में शहीद हुए मोहित की पत्नी का छलका दर्द, बोली गर्व है

