हिन्दू समाज में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है अखंड सौभाग्य का वरदान पाने के लिए स्त्रियां ये कठिन व्रत करती है। सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज व्रत आज मंगलवार को कर रही है। इस व्रत में महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। तीज की शाम के समय महिलाएं श्रृंगार करते हुए भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा करती हैं। हरतालिका तीज व्रत रखने और पूजा करने से सौभाग्य और सुख-समृद्धि मिलती है।
हरा और लाल रंग विशेष शुभ –
हरतालिका तीज के व्रत में हरे और लाल रंग का विशेष स्थान है वो इसलिए यह अखंड सौभाग्य का प्रतीक होता है। इसलिए इस दिन भूलकर भी काले और सफेद रंग के वस्त्र और आभूषण नहीं पहनने चाहिए।
ब्राह्मणों को भोजन करना चाहिए-आज इस दिन महिलाओं को पूरे आदर सत्कार से ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। किसी भी सुहागन महिला, जो उम्र में आपसे बड़ी हों, उन्हें सुहाग का सामान दान करें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें ।
ये चढ़ाए-पूजन में सुहाग की सभी सामग्री को एकत्रित कर थाली में सजाकर माता पार्वती को चढ़ाना चाहिए । सुहागिन महिलाओं के लिए गले में मंगलसूत्र उनके सुहाग की निशानी मानी जाती है। जो जरूर पहनना चाहिए। नैवेध में भगवान को घेवर, खीर पूरी,हलुआ और मालपुए से भोग लगाकर प्रसन्न करें।तत्पश्चात तीज माता की कथा सुननी या पढ़नी चाहिए।
आज शुभ मुहूर्त-ऐसे में आज शाम को 06 बजकर 33 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 51 मिनट तक प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए।

