गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में 11 और 12 जनवरी को सातवें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ हुआ है जिसमें ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में देश-विदेश के निवेशक पहुंचे हैं। समिट को पीएम मोदी ने संबोधित किया और कहा कि एमपी गजब है, अजब है और सजग भी है। विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर भी इन्वेस्टमेंट की संभावनाओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने कहा की आठ साल में हमने नेशनल हाईवे के निर्माण की स्पीड दो गुना किया। ऑपरेशनल एयरपोर्ट दोगुने हो चुके हैं। पोर्ट हैंडलिंग कैपेसिटी, टर्नअराउंड सुधार आया है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक पार्क, एक्सप्रेस वे भारत की पहचान बन रहे हैं। गति शक्ति योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का नेशनल प्लेटफॉर्म है। इस पर अपडेटेड डेटा रहता है। भारत सबसे कम्पीटिटिव लॉजिस्टिक मार्केट के तौर पर अपने आप को प्रस्तुत कर रहा है और नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी भी लागू हुई है । भारत स्मार्टफोन डेटा, ग्लोबल फिनटेक, आईटी-बीपीएल आउटसोर्सिंग में नंबर वन है। तीसरा एविएशन और ऑटो मार्केट है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सब आशा में हैं। ग्लोबल ग्रोथ के लिए यह बहुत जरूरी है। भारत गांव-गांव तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचा रहा है। तेजी से 5जी नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। इससे हर इंडस्ट्री और कंज्यूमर के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स से लेकर एआई तक जो भी नए अवसर बन रहे हैं, वह विकास की गति को और तेज करेंगे।समिट में विदेशों से आए कई एनआरआई को हॉल में प्रवेश न मिलने से वे नाराज थे। समिट में बुधवार को हॉल में उधोग जगत से जुड़े लोगों ही मौजूद रहे, इसलिए समिट में स्थानीय उद्योगपति, राजनेताओं के पास काफी कम बने गेट पर भी काफी टाइट सिक्युरिटी थी। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की शुरुआत,NRI हुए नाराज़
ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की शुरुआत,NRI हुए नाराज़

