शिक्षा विभाग अब बच्चो को भारी बस्तों के बोझ से कुछ राहत देने की सोच रहा है। निजी स्कूलों में महंगी किताबों के विषय में भी सोचा गया है। ऐसे में कक्षाओं के अनुसार छात्रों की किताबों को भी कम करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा होमवर्क में भी कमी होगी होगी। कक्षा एक से दो तक के छात्रों को कोई होमवर्क नहीं दिया जाएगा।
कक्षा तीन से केवल दो घंटे का होमवर्क प्रति हफ्ते में होगा और इस बारे में शिक्षा विभाग, एससीईआरटी के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार कर रहा है। उप खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर विनोद कुमार ने बताया कि इस संबंध में एससीईआरटी की ओर से काम हो रहा है। इसके अलावा स्कूलों में जांच भी चल रही है। रोजाना इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि निजी स्कूल फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं।एक ही दुकान से किताबें खरीदने के लिए कह रहे हैं।
प्रदेश के निजी स्कूलों की अब ख़ैर नहीं ,शिक्षा विभाग हुआ सख्त

