डेंगू से राज्यों में डर फैला हुआ है। बीते दिन महिला की गुरुवार को मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। चार दिन से निजी अस्पताल में महिला का इलाज जारी था। डेंगू की चपेट में आए बेटा-बेटी भी अस्पताल में हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है डेथ ऑडिट में मौत की असल वजह साफ होगी। दुबग्गा की हयातनगर कॉलोनी निवासी संजू (43) को दस दिन पहले तेज बुखार आया। डेंगू की जांच कराई तो पॉजिटिव आई। प्लेटलेट्स 30 हजार से नीचे आ गईं तो कल्याण हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
डेंगू बुखार के 1100 से अधिक मरीज, महिला की मौत
प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद हालत और बिगड़ती गई। इसके बाद वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया। सुबह करीब चार बजे उनकी मौत हो गई। आरोप है कि महिला की मौत बाद अस्पताल वालों ने दिल का दौरा पड़ने की बात कहकर लॉरी भेज दिया। यहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप जड़ा है किलॉरी भेजने के दौरान संजू के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। अभी तक चार मरीजों की जान जा चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में एक की ही मौत हुई है। बुखार से सात मरीजों की जान गई है। लखनऊ में इस साल डेंगू मरीजों का आंकड़ा 1100 पार कर चुका है। अलीगंज, इंदिरानगर, एनके रोड व सिल्वर जुबली इलाके से पांच-पांच मरीज मिले।

