कांग्रेस की पंजाब इकाई का विवाद सुलझने के बाद अब राजस्थान कांग्रेस में हलचल तेज हो रही है और पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल व राजस्थान प्रभारी अजय माकन शनिवार रात जयपुर पहुंचे। राज्य में अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में विस्तार व फेरबदल होना है तथा हजारों की संख्या में राजनीतिक नियुक्तियां की जानी हैं। माना जा रहा है कि अजय माकन व वेणुगोपाल की गहलोत से मुलाकात के बाद राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की राह साफ हो सकती है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पंजाब के मसले के समाधान के बाद अब सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी का पूरा फोकस राजस्थान को लेकर है और पार्टी आलाकमान की ओर से माकन से कहा गया है कि राजस्थान के सियासी मसले का समाधान जुलाई में ही हो जाना चाहिए।
मौजूदा हिसाब से राजस्थान की गहलोत सरकार में नौ और मंत्री बनाए जा सकते हैं। पिछले साल तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट व 18 अन्य विधायकों ने गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बागी रुख अपनाया था। तब पायलट, विश्वेंद्र सिंह व रमेश मीणा को मंत्री पद से हटा दिया गया था।
जयपुर में राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि अब मंत्रिमंडल विस्तार में पार्टी को पायलट ग्रुप के साथ साथ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से कांग्रेस में आए छह विधायकों व पार्टी का समर्थन कर रहे निर्दलियों को भी ध्यान रखना होगा। ऐसा माना जा रहा है मंत्री पद से वंचित रहने वालों को संसदीय सचिव, विभिन्न निगम बोर्डों का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
राजस्थान की मौजूदा अशोक गहलोत सरकार दिसंबर 2018 में सत्ता में आई थी और अपना लगभग आधा कार्यकाल पूरा कर चुकी है।

