उत्तराखंड के लिए निराशाजनक है बजट : हरीश रावत

देहरादून : कल वित्त मंत्री के आम बजट पेश करने के बाद सभी पार्टियों की तरफ़ से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई है , एक तरफ जहां भाजपा के नेता इस बजट को जनता का बजट बता रहे है और इसकी तारीफ़ कर रहे हैं , वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों के नेता इसे जान-विरोधी बजट रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस बजट को निराशाजनक बजट बताते हुए कहा कि मोदी सरकार का आखिरी बजट उस खाली लिफाफे की तरह है, जिसे घोषणाओं के बल पर फुलाया गया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में किसान भाइयों के लिए कुछ भी नहीं है। और मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में एक ऐसी राहत दी गई है, जिसके बाद उन्हें निरंतर बढ़ती हुई महंगाई का सामना करना पड़ेगा । मनरेगा के बजट में भी कटौती की गई है। देश के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या इस समय बेरोजगारी है और इस बजट में उन्हें भी कुछ नहीं मिला। हरीश रावत नें कहा कि इस बजट से किसानों, नौजवानों, दलितों, पिछड़ों, कमजोर वर्ग में निराशा बढ़ेगी। उत्तराखंड के लिए भी यह बजट पूर्णतः निराशाजनक है। उत्तराखंड आशा लगाए बैठा था, कम से कम अपने अंतिम बजट में मोदी उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों को ग्रीन बोनस देने की घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा इस बजट में कुछ नहीं है ।