वसंत पंचमी जीवन में नए शुभ कार्य शुरू करने के लिए अहम दिन कहा गया है साथ ही इस मौसम में पेड़ों पर नव कोपलें आनी शुरू हो जाती हैं।धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक़, माता सरस्वती प्रकट हुई थीं इसलिए इस दिन वसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा का आयोजन होता है क्यूंकि मां सरस्वती को विद्या एवं बुद्धि की देवी माना जाता है। इसलिए छात्रों को भी पूजा के आयोजन द्वारा इसकी विशेषता बताई जाती है।
क्यों मनाया जाने लगा ये त्यौहार –
कहानी है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन ब्रह्मांड का निर्माण किया था और सृष्टि की रचना करके जब उन्होंने संसार में देखा तो उन्हें चारों ओर सूनसान दिखाई दी तब उन्होंने भगवान विष्णु जी से कहा कि प्रभु अनुमति ली और अपने कमंडल से पृथ्वी पर जल छिड़का। जल छिड़कने के बाद देवी के हाथ में वीणा लिए प्रकट हुईं। मां के प्रकटोत्सव को पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। धार्मिकता के साथ इस पर्व के पर्यावरणीय महत्व भी हैं। इस ऋतु के साथ मौसम की चाल बदलने लगती है। शाम भी खुशगवार हो रही होती है। खेतों में फसल वातावरण को खुशनुमा हो जाता है।

