अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकश में आयुष्मान भारत योजना शुरू हुए दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। संस्थान में सितंबर 2018 को शुरू हुई सरकार की इस स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश समेत देश के करीब एक दर्जन राज्यों से आए 31 हजार से अधिक मरीजों को उपचार किया गया है।
बीते 7 माह से दुनिया के सभी देश कोविड 19 के संक्रमण से ग्रसित हैं। ऐसे कठिन दौर में भी इस योजना के तहत एम्स ऋषिकेश में मरीजों का निशुल्क इलाज जारी है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य गरीब व जरुरतमंद लोगों को बेहतर उपचार निशुल्क प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है।
उन्होंने बताया कि जबसे सरकार की ओर से इस जन स्वास्थ्य योजना को लागू किया गया है, तबसे हर रोज सैकड़ों मरीज़ इसका लाभ उठाते आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत मरीजों के सामान्य रोगों के साथ- साथ हड्डी रोग, कैंसर, हृदय रोग, मूत्र व गुर्दे की बीमारियों का संपूर्ण इलाज उपलब्ध है। साथ ही कैंसर के उन मरीजों के इलाज की सुविधा भी है जो रेडिएशन थैरेपी कराते हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 8 से 10 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है।
योजना से जुड़ी अर्चना जोशी ने बताया लाभार्थियों को पंजीकरण के समय ही योजना से मिलने वाले इलाज से जुड़ी संपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। इस अवसर पर योजना के नोडल अधिकारी डा.अरुण गोयल, एसओ विमल सचान, रविंद्र सिंह, आयुष्मान भारत की निजी सहायक याश्वी, आयुष्मान मित्र प्रीति नेगी, कमल किशोर, विजित वर्मा, मनवीर सिंह रावत, देवेंद्र सिंह, महेश कोठारी, सुषमा, नवीन, रीना, ज्योति, पूजा, अमित, काव्या,उषा, हरप्रीत, किरणपाल, विकास रावत, श्रवण सेमवाल, अमनदीप नेगी आदि मौजूद थे।

