नई दिल्ली : अब एयर इंडिया ‘पेशाब कांड’ के बाद से ही टाटा ग्रुप की इस एयरलाइन की नीतियों को लेकर बड़े बवालों में सवाल हो रहे हैं। खासकर विमान में यात्रियों को दी जाने वाली शराब को लेकर एयरलाइन निशाने पर है। एयर इंडिया के सीईओ ने बताया है कि एयरलाइन की शराब नीति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को स्टाफ को बेहतर ढंग से डील करना चाहिए था।एयर इंडिया की पॉलिसी के अनुसार,ज्यादा शराब के नशे में यात्री खुद के लिए और फ्लाइट में सफर कर रहे बाकी लोगों के लिए खतरा है। एयर लाइन के पास शराबियों की तरफ से की गई किसी भी हरकत से निपटने के लिए कदम तय हैं।
ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर एयर इंडिया की फ्लाइट्स में दी जाने वाली शराब को लेकर मौजूदा नीति क्या है? उड़ान के दौरान पैसेंजर्स को कितनी शराब सर्व की जा सकती है? इसके अलावा नशे में पाए गए यात्रियों को लेकर नियम क्या हैं?
1. चार घंटे से कम की समय में फ्लाइट में पैसेंजर्स को ज्यादा ड्रिंक्स नहीं दिए जा सकते।
2 . शराब परोसने के तय मानकों के पूरे होने के बाद भी अगर यात्री ड्रिंक्स की मांग करता है, तो एयरलाइन कम से कम तीन घंटे के ब्रेक का नियम मानती है। हालांकि, बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए ‘ब्रेक’ का यह नियम अनिवार्य नहीं है।
3. केबिन क्रू को यह सलाह दी गई है कि नशे की स्थिति में बैठे पैसेंजर्स को और शराब न परोसी जाए। यात्रियों के नशे में होने की स्थिति पर फैसला क्रू का ही होगा। यात्रियों को शराब सिर्फ उनकी सीट पर ही दी जा सकती है।
4 . एक बार में किसी यात्री को सिर्फ एक ही ड्रिंक दी जा सकती है। इस एक ड्रिंक में बीयर का एक मग (12 आउंस), वाइन या शैंपने का एक ग्लास या व्हिस्की-रम की एक छोटी बोतल शामिल है।
5 . फ्लाइट में 18 साल से नीचे के किसी को भी शराब नहीं दी जा सकती।
6 . चार घंटे से कम की अवधि वाली फ्लाइट में पैसेंजर्स को दे से ज्यादा ड्रिंक्स नहीं दिए जा सकते।
7 . शराब परोसने के तय मानकों के पूरे होने के बाद भी अगर यात्री ड्रिंक्स की मांग करता है, तो एयरलाइन कम से कम तीन घंटे के ब्रेक का नियम मानती है। हालांकि, बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए ‘ब्रेक’ का यह नियम अनिवार्य नहीं है।
8 . केबिन क्रू को यह सलाह दी गई है कि नशे की स्थिति में बैठे पैसेंजर्स को और शराब न परोसी जाए। हालांकि, यात्रियों के नशे में होने की स्थिति पर फैसला क्रू का ही होगा।

