छठे मिनट में एक गोल से पिछड़ने के बावजूद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने खेल पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और निर्णायक क्षणों में गोलकीपर पी आर श्रीजेश के शानदार प्रदर्शन से न्यूजीलैंड को 3-2 से हरा दिया।
1980 के बाद ओलंपिक में जीत पाई है हॉकी टीम
आठ बार के ओलंपिक चैम्पियन भारत ने आखिरी बार खेलों के महासमर में पदक मॉस्को में 1980 में जीता था। विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंची मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मौजूदा टीम को तोक्यो में पदक के दावेदारों में गिना जा रहा है।
मैच का आंखों देखा हाल
पहले क्वार्टर में न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी रहा जिसने छठे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर बढ़त लेकर भारतीय खेमे में हलचल मचा दी। भारत को मिले पेनल्टी कॉर्नर पर रूपिंदर पाल का शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया।
जवाबी हमलों में भारत को दसवें मिनट में पहले पेनल्टी कॉर्नर और फिर पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे रूपिंदर ने गोल में बदलकर भारत को बराबरी दिलाई।
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह गोल करने से चूके जिनके शॉट को न्यूजीलैंड के गोलकीपर लियोन हैवर्ड ने बचा लिया। भारत ने 26वें मिनट में वीडियो रेफरल पर पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया।
भारतीय टीम ने इस पर वैरिएशन लिया और हरमनप्रीत ने ड्रैग फ्लिक पर गोल दागा जो उनका 75वां अंतरराष्ट्रीय गोल था। दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल देखने केा मिला और उन्होंने तेज रफ्तार हॉकी भी खेली।
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत भी रेफरल से हुई जब दिलप्रीत सिंह ने मनप्रीत को सर्कल के पास गेंद सौंपी लेकिन वह न्यूजीलैंड के डिफेंडर के पैर से टकराई।
वीडियो अंपायर राइट ने भारत को पेनल्टी कॉर्नर दिया और हरमनप्रीत ने 33वें मिनट में मिले इस मौके को भुनाते हुए भारत को 3-1 से बढ़त दिला दी।
न्यूजीलैंड ने इसके बाद लगातार जवाबी हमले बोले लेकिन श्रीजेश, अनुभवी डिफेंडर बीरेंद्र लाकड़ा और अमित रोहिदास ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। इस क्वार्टर के आखिरी मिनटों में हालांकि भारतीय रक्षा पंक्ति ने ढिलाई बरती और उसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
निक विल्सन से मिले शानदार पास पर अनुभवी स्ट्राइकर जेनिस ने खूबसूरत फील्ड गोल दागकर मैच को जीवंत कर दिया।
आखिरी क्वार्टर में न्यूजीलैंड का प्रदर्शन बेहतर रहा। मैच खत्म होने में 24 सेकेंड बाकी रहते न्यूजीलैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला और भारतीय प्रशंसकों की सांसें थम गई।
श्रीजेश ने हालांकि मुस्तैदी से बचाव करके संकट को टाला और भारत की जीत सुनिश्चित की। भारत का सामना अब रविवार को आस्ट्रेलिया से होगा।

