उत्तराखंड चुनाव के प्रत्याशियों ने दिया ख़र्च का ब्यौरा,40 लाख रूपए थी अधिकतम सीमा

देहरादून : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में खर्च के मामले में निर्दलीय प्रत्याशियों ने राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों को भी पीछे छोड़ दिया है। प्रत्याशियों ने 12 फरवरी तक के चुनाव खर्च का ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया है।बता दें कि विधानसभा चुनाव में इस बार चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की सीमा 40 लाख रुपये निर्धारित की थी। प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर नजर रखने के लिए प्रेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रत्याशियों को समय-समय पर व्यय प्रेक्षक को चुनाव खर्च का ब्यौरा देना था। प्रत्याशियों ने 12 फरवरी चुनाव प्रचार खत्म होने तक का चुनाव खर्च का ब्यौरा दे दिया है।इस बार राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी लाखों रुपए खर्च करने में पीछे नहीं रहे। वैसे अभी तक सबसे ज़्यादा खर्च करने वाले प्रत्याशी कांग्रेस के गोविंद सिंह कुंजवाल हैं।जिन्होंने 33 लाख से अधिक का चुनाव खर्च का ब्यौरा दिया है।

इसके बाद द्वाराहाट विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी अनिल साही का नंबर आता है, जिन्होंने 27 लाख से अधिक के खर्च का ब्यौरा दिया है। वहीं सोमेश्वर क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रेखा आर्य 25 लाख, रानीखेत से कांग्रेस प्रत्याशी करन मेहरा ने 21 लाख रुपए खर्च का ब्यौरा दिया है।वहीं अल्मोड़ा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़े विनय किरौला ने मतदान से पूर्व तक 11 लाख से अधिक खर्च किए।इस बार सोमेश्वर विधानसभा से पति-पत्नी दोनों ही चुनाव लड़ रहें हैं, बता दें कि यहां से बलवंत आर्य समाजवादी पार्टी से तो वहीं उनकी पत्नी मधुबाला निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। इन दोनों पति-पत्नी के चुनाव ख़र्च की बात करें तो बलवंत आर्य चुनाव में एक लाख 93 हजार 980 रुपये व उनकी पत्नी ने 73 हजार 280 रुपए खर्च का ब्यौरा दिया है।