नई दिल्ली :कोरोना वायरस ने जहां देश को हिला कर रख दिया,वहीँ उसके बाद ब्लैक येलो और ओमीक्रान ने भी कम नुक्सान नहीं किया ,अब एक और खतरे की घंटी बाजी है जी हां चीन के वुहान के वैज्ञानिकों ने अब नए कोरोना वायरस ‘नियोकोव’ को लेकर बड़ी बात कही है। 2019 में पूरी दुनिया में वुहान से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी। अब वहां के एक बार फिर वैज्ञानिकों ने बताया है कि दक्षिण अफ्रीका में नए प्रकार का कोरोना वायरस ‘नियोकोव’ मिला है। इसकी संक्रमण व मृत्यु दर दोनों ही बहुत ज्यादा है। इसके संक्रमित हर तीन व्यक्तियों में से एक की जान जा सकती है। वुहान के वैज्ञानिकों ने इस बात को भी कहा है कि इस बात को स्पूतनिक ने सार्वजनिक किया है। अभी पूरा देश कोरोना से ही सहमा हुआ है। इसके ओमिक्रॉन व डेल्टा वैरिएंट कहर बरपा रहे हैं। ऐसे में ‘नियोकोव’ से चिंता और डर और बढ़ता नज़र आ रहा है। इतना ही नहीं बल्कि रिपोर्ट वमें ये भी कहा गया है कि निओकोव वायरस नया नहीं है। यह मर्स कोव वायरस MERS-CoV virus से जुड़ा है। 2012 में यह मध्य पूर्व के देशों में मिल चुका है। यह सार्स कोव 2 से मिलता-जुलता है, जिससे इंसानों में कोरोना वायरस फैला था।
चमकादडों में पाया गया – ये वायरस दक्षिण अफ्रिका में सबसे पहले चमगादड़ों में पाया गया था। यह और इसके करीबी रूप पीडीएफ-2180-कोव (PDF-2180-CoV) इंसानों को भी संक्रमित कर सकते हैं। वुहान यूनिवर्सिटी और चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस, इंस्टीट्यूट ऑफ बायो फिजिक्स के वैज्ञानिकों का कहना है कि नियोकोव के मात्र एक म्यूटेशन यानी रूप बदलने से यह इंसान की कोशिकाओं में फैलने लगेगा।

