गंगा में विसर्जित हुईं सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका की अस्थियां

हरिद्वार : 8 दिसंबर को कुन्नूर में हेलीकॉप्टर के दुर्घटना ग्रस्त होने से भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 11 अन्य सैन्य अधिकारियों का निधन हो गया था। जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के पौड़ी जिले के साइना गांव के निवासी थे , और उनके निधन से पौड़ी सहित समूचा उत्तराखंड में शोक की लहर है। और आज हरिद्वार के वीआईपी घाट पर जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका का गंगा नदी में अस्थि विसर्जन किया गया।

यहां उनका अस्थि विसर्जन पंडित परीक्षित सिखौला ने पूरे विधि विधान से संपन्न कराया , जनरल रावत और उनकी पत्नी का अस्थि विसर्जन उनकी दोनों बेटियों कृतिका और तारिणी ने किया। और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यहां पहुंच कर दोनों बेटियों से मुलाकात की और भगवान् से दोनों की आत्मा की शान्ति हेतु और परिवारवालों को दुःख की इस घडी में शक्ति देने की प्रार्थना भी की। सीएम ने जनरल रावत के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए पूरे उत्तराखंड राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा भी की थी , उन्होंने कहा की जनरल रावत की आकस्मिक मृत्यु से गहरा दुःख पंहुचा है और उनकी यह असमय मृत्यु देश के लिए अपूरणीय क्षति है , सीएम ने यह भी जनरल रावत उत्तराखंड के साथ-साथ देश के गौरव थे और हमेशा सभी लोगों के जेहन में रहेंगे।