कानपुर , लखनऊ, मेरठ समेत यूपी के 2 हज़ार से ज्यादा डॉक्टर्स हड़ताल पर , नीट काउंसिलिंग ज़ल्द कराने की मांग

लखनऊ : यूपी में करीब दो हजार से ज्यादा डॉक्टर्स ने ओपीडी में जाना बंद कर दिया है ,इसका कारण उन्होंने नीट पीजी की काउंसिलिंग को बताया है। लखनऊ के केजीएमसी में आज दूसरे दिन भी हड़ताल ज़ारी रही। बनारस हिन्दू युनिवेर्सिटी में भी जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर क़ायम है। इलाहाबाद , मेरठ से लेकर सूबे के अन्य जिले से भी हड़ताल की खबरें मिली हैं। बता दें कि यूपी रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने सांकेतिक धरना की बात कही है , उन्होंने कहा है की नॉर्मल ओपीडी ही फिलहाल अभी बंद है लेकिन इमरजेंसी के मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि नीट पीजी की काउंसलिंग नहीं हो पा रही है , इस हड़ताल को वैसे देश के अन्य जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का समर्थन मिल रहा हैं।

रेंजिडेंट डॉक्टर्स ने काम नहीं करने की घोषणा करते हुए काउंसलिंग जल्द से जल्द कराने की मांग की है। लेकिन अब इस हड़तालका असर मरीज़ों पर पड़ने लगा है , मरीज़ों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण सीनियर डॉक्टरों को सारे मरीजों को देखने पड़ रहे है , जिससे उन्हें दिक्कतें हैं। एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के 2 हजार से ज्यादा डॉक्टर हड़ताल पर हैं , और उनकी मांग है कि काउंसलिंग जल्दी की जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मान्डविया डॉक्टरों को भरोसा दिलाया है की 48 घंटे में इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। और मंत्री के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने कहा कि अगर तय समय सीमा में मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।