लखनऊ: जहां बीते दिन शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ में डीजीपी कॉनफेरेन्स में शामिल हुए वहीँ आज देश के पीएम मोदी भी लखनऊ में शुरू हुए उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के कार्यक्रम में शिरकत करने पहुँच चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर प्रियंका गांधी ने सख्त रुख दिया है और कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को अपने मंच पर न बैठाया जाए। प्रियंका गांधी ने आज ये भी कहा कि लखीमपुर में हुए किसानों के नरसंहार के आरोपी के पिता गृह राज्य मंत्री हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब न्याय की बात का साथ देने का दावा करते है तो अब एक बड़े आरोपी के पिता को मंच पर कैसे बिठा सकते हैं?
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के साथ मंच साझा नहीं करना चाहिए बल्कि उन्हें तत्काल ही मंत्रिमंडल से निकालना चाहिए। प्रियंका ने कहा कि अगर सच में प्रधानमंत्री न्यायप्रिय होने की बात करते हैं, तो उन्हें इस पर उनका रुख भी दिखना चाहिए। इस पूरे मामले में लखीमपुर खीरी पिपरिया में मृतक किसान के परिजन सुखबीर सिंह कहते हैं कि वे तब तक आंदोलनरत रहेंगे, जब तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे को सजा नहीं हो जाती और गृह राज्य मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त नहीं कर दिया जाता।
पीएम के यूपी दौरे पर प्रियंका का आक्रामक रुख –
आज प्रियंका गांधी ने जिस तरीके से लखीमपुर खीरी में हुए किसानों के नरसंहार मामले को प्रधानमंत्री मोदी के लखनऊ दौरे के दौरान उठाया, उससे ये साफ़ कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने लखीमपुर खीरी मामले में पूरी तरीके से आक्रामक रुख अख्तियार किया हुआ है। खबरों की मानें तो, लखीमपुर मामले में प्रियंका गांधी ने अपनी कोर कमेटी के साथ कुछ चुनिंदा बिंदुओं पर चर्चा की है।

