कशमकश, कयासों का दौर अब साफ़ हो चुका है। भाजपा ने बृजभूषण शरण सिंह का टिकट कट गया है,लेकिन उनका दबदबा बना हुआ है,उनके छोटे बेटे करण भूषण को टिकट देकर भाजपा ने अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन जानकारों ने बताया है कि टिकट किसी और को नहीं बृजभूषण को ही मिला है। इससे सांसद की पैठ और पकड़ का एहसास होता है।
सियासी संग्राम के आगाज के साथ ही दावेदारी के दांव-पेंच से कैसरगंज का मैदान पूरे सूबे में चर्चा का विषय रहा। नामांकन के अंतिम दौर में ऐसा संदेश आया जो कि वाकई में चौंकाने वाला था। बृजभूषण ने जिस तरह सियासत साधे रखने की तस्वीर पेश की, उसका प्रभाव भी दिग्गज नेताओं पर साफ दिखा। यही नहीं एक ही दांव से मंडल ही नहीं अवध की सियासत को हलचल से बचाने का दांव भी चला।

