देहरादून : प्रदेश में जबरदस्त बारिश के बाद बर्फ़बारी हुई है , वहीँ आज गुरूवार को औली में जम कर बर्फबारी हुई। दो साल बाद हुए हिमपात से पर्यटन से जुड़े लोग बेहद खुश दिखाई दे रहे हैं। सेब के बागवान और किसानों ने भी राहत की सांस ली है। उत्तराखंड के चमोली जिले का औली पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। यहां स्कीइंग के अलावा एटीवी बाइक, स्लेज, ट्यूब राइडिंग, जिप्सी राइड और रॉक क्लाइंबिंग का भी पर्यटक लुत्फ़ उठाने पहुँच रहे हैं । स्कीइंग के लिए बेहतरीन ढाल की वजह से देश ही नहीं विदेशों से भी स्कीइंग प्रेमी यहां आ रहे हैं .लेकिन पिछले दो साल से कम बर्फबारी की वजह से यहां स्कीइंग की प्रतियोगिताएं नहीं हो पा रहीं थीं जिसकी वजह से पर्यटकों की संख्या भी काफी घट गई।
हुई बर्फबारी पहुंचिए औली, उठाएं एटीवी बाइक, स्लेज, स्कीइंग, ट्यूब राइडिंग, जिप्सी राइड और रॉक क्लाइंबिंग का लुत्फ़
दो साल पहले जोशीमठ में भूमि धसाव और भूस्खलन से जहां औली को जोशीमठ से जोड़ने वाला साढ़े चार किमी लंबा रोपवे बंद पड़ गया वहीं मीडिया में इसकी खबरों से पर्यटक भी जोशीमठ व औली को लेकर आशंकित हुए थे लेकिन अब सड़क के हालात तो काफी बेहतर है। देहरादून और ऋषिकेश से 7 घंटे में औली या जोशीमठ पहुंचा जा सकता है। औली में जीएमवीएन की चेयर कार से टॉप तक पहुंचा जा सकता है। चार चेयर कार में हर कार में एक बार चार लोग जा सकते हैं। एक व्यक्ति का आने और जाने का टिकट 500 का है। ऊपर पहुंच कर प्रशिक्षित गाइड की मदद से स्कीइंग कर सकते हैं। और वहां विशेष लोकल चटनी के साथ गरमागरम पकौड़े और चाय कॉफी का आनंद भी उठा सकते हैं ।
ऐसे पहुंचे –
जौलीग्रांट एयरपोर्ट से औली लगभग 270 किमी. वहां से या ऋषिकेश से टैक्सी मिल जाती है। इसके अलावा देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से जोशीमठ के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की सीधी बसे है। ऋषिकेश और हरिद्वार से जीएमओ और दूसरी कंपनियों के बसें भी हैं। जोशीमठ से औली 16 किमी. है। वहां से भी औली के लिए टैक्सी मिल जाती है। जोशीमठ और औली में जीएमवीएन के गेस्ट हाउस हैं। इसके अलावा दोनों ही जगहों पर अलग- अलग रेंज के होटल और होमस्टे भी हैं।
जोशीमठ में नरसिंह मंदिर के पास बद्री केदार मंदिर समिति के गेस्ट हाउस भी है। जो काफी सस्ते और साफ सुथरे हैं। इनकी बुकिंग ऑनलाइन भी की जा सकती है। नरसिंह मंदिर में ही कपट बंद होने के बाद बद्रीनाथ की गद्दी भी रहती है। और 6 महीने यहीं विष्णु भगवान की पूजा होती है।

