17 दिन की कड़ी म्हणत के बाद आखिरकार मेहनत रंग लाइ, और मजदूर बाहर आ चुके हैं। ऑपरेशन सिलक्यारा किसी सुरंग या खदान में फंसे मजदूरों को निकालने वाला देश का सबसे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन बन चुका है। इससे पहले वर्ष 1989 में पश्चिमी बंगाल की रानीगंज कोयला खदान से दो दिन चले अभियान के बाद 65 मजदूरों को निकाला गया था।
देश-दुनिया के विशेषज्ञों ने दिन-रात एक कर इस अभियान को सफल बनाया था और 13 नवंबर 1989 को पश्चिम बंगाल के महाबीर कोल्यारी रानीगंज कोयला खदान जलमग्न हो गई थी। इसमें 65 मजदूर फंस गए थे। इनको सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इस अभियान में जिन लोगों को बचाने के लिए खुद एक स्टील कैप्सूल के माध्यम से खदान के अंदर गए थे। उन्हें निकालने में समय कम लगा था। सिलक्यारा में 13वां दिन बीतने के बाद मजदूर बाहर निकाले जा सके।

