पीएम मोदी से जिस 132 केवी पिथौरागढ़-लोहाघाट-चंपावत ट्रांसमिशन लाइन का लोकार्पण बीते 12 अक्तूबर को किया है। उसमें एक चौकानें वाली सामने आई है कि लोकार्पण के चार माह पहले से ही इस लाइन पर 33 केवी की बिजली जारी है। लेकिन अभी तक यह लाइन 132 केवी की बनाई गई है। इतनी क्षमता की बिजली सप्लाई इसलिए नहीं हो पा रही है क्योंकि इस प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले सब स्टेशन का काम पूरा नहीं हो सका है। सब स्टेशन बनाने के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया जारी है। ऐसे में सवाल है कि आधे-अधूरे प्रोजेक्ट का पीएम मोदी से लोकार्पण क्यों कराया गया ?
इसपर ग्राम्य विकास अधिकारियों को प्रक्रिया के लिए तेज काम का आदेश दिया गया है। बेटी दिन बुधवार को सचिवालय में मंत्रालय के सचिव ने ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं के बारे में जाना और मनरेगा के तहत अमृत सरोवर मिशन में लक्ष्य के सापेक्ष 129 प्रतिशत प्रगति की प्रशंसा की। अब इसमें चंपावत जिले के चार सरोवर को भी शामिल किया जाएगा।
खबर है कि देश के प्रधानमंत्री ने 42 किमी लंबी विद्युत पारेषण लाइन का लोकार्पण किया था अभी विद्युत सब स्टेशन का नहीं किया है। अब जब तक भी सब स्टेशन बनेगा, तब तक स्थानीय स्तर पर लॉ वोल्टेज, लाइन ट्रिपिंग की समस्या से बचने के लिए 33 केवी पर ऊर्जीकृत किया गया है। सब स्टेशन के लिए टेंडर भी खोला गया है।

