रूस से भारत आये जोड़ों ने बीते दिन बुधवार को धर्मनगरी हरिद्वार में हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह हुआ और एक दूसरे को जन्म जन्मांतर के लिए अपना जीवन साथी चुना। वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे लेकर पवित्र बंधन में बंधे और संतों के आशीर्वाद प्राप्त किया।
हरिद्वार के अखंड परमधाम में पहुंचे रूसी जोड़ों में लैरिसा ने यूरा के साथ, एलसी ने रुशलम के साथ और विक्टोरिया ने मैटवी के साथ वैदिक परंपरा के प्रक्रिया से विवाह हुआ।
जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए संत बराती बने और शरीख हुए। विवाह में विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी, श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख मयंक चौहान, बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक विकास प्रधान समेत बड़ी संख्या में संत शामिल हुए।

